सहारनपुर : जिला प्रशासन ने शनिवार को थाना नानौता क्षेत्र में बुलडोजर की कार्रवाई की। नानौता गाँव के ग्राम प्रधान नीरज राणा के घर पर सीएम बाबा का बुलडोजर चलाया गया। प्रशासन ने यह बुलडोजर कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की है। ग्राम प्रधान ने प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर कब्जा करके यह मकान बनाया था। इस कार्रवाई से पूरे गाँव में हड़कंप मच गया और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
बता दें कि कई साल पहले ग्राम प्रधान नीरज राणा ने नानौता गाँव में प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बना लिया था। स्थानीय ग्रामीणों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद स्कूल की जमीन पर कब्जे का यह मामला हाईकोर्ट पहुँच गया। लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने साफ आदेश दिया कि मकान सरकारी स्कूल की जमीन पर बना है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया जाए और जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए।
हाईकोर्ट का आदेश मिलते ही प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी और शनिवार को कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जब बुलडोजर मकान गिराने लगा तो ग्राम प्रधान पक्ष ने कुछ देर तक विरोध किया, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के आगे उन्हें पीछे हटना पड़ा। शनिवार को एसडीएम डॉ. पूर्वा और सीओ शशि प्रकाश भारी पुलिस बल के साथ ग्राम प्रधान नीरज राणा के आवास पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में जैसे ही बुलडोजर चलना शुरू हुआ, इलाके में हड़कंप मच गया। ग्राम प्रधान का मकान कुछ ही देर में मलबे में तब्दील हो गया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इस कार्रवाई को लेकर गांव में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना बेहद जरूरी था। वहीं, ग्राम प्रधान के समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और विरोधियों के दबाव में प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की गई है और सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Buldozer Action In Saharanpur