प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) संभल के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। राज्य सरकार, संभल के पूर्व CO अनुज चौधरी और दूसरे पुलिस अधिकारियों ने CJM के आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जस्टिस समित गोपाल याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता के जवाब दाखिल करने के बाद याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल और एडवोकेट ए.के. सैंड ने तर्क दिया कि CJM ने इंडियन सिविल सिक्योरिटी कोड के तहत जरूरी प्रोसीजर का उल्लंघन करते हुए आदेश जारी किया। मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधिकारियों को आरोपों के बारे में अपना मामला पेश करने का मौका नहीं दिया, जैसा कि कानून के तहत जरूरी है।
राज्य सरकार ने यह भी तर्क दिया कि मजिस्ट्रेट ने कानून के तहत तय सेफगार्ड को नजरअंदाज करके अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया। शिकायत दर्ज करने वाले सीनियर वकील SFA नकवी ने याचिका के मेंटेनेबल होने पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य सरकार अपने ही अधिकारियों को बचाने के लिए दखल दे रही है, जो न्याय के बेसिक सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि होम सेक्रेटरी को नागरिकों के रक्षक के तौर पर काम करना चाहिए था। कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया।

