सहारनपुर : शामली की कैराना लोकसभा सीट से सपा सांसद इक़रा हसन के साथ एडीएम द्वारा की गई अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जनप्रतिनिधि के साथ हुई बदसलूकी को लेकर सपा नेताओं में आक्रोश बना हुआ है। गुरुवार को सपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सपा नेताओं ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर एडीएम प्रशासन के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है। जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने कार्यवाई ना होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को जनप्रतिनिधि के साथ प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।
आपको बता दें कि कैराना लोकसभा से सपा सांसद इकरा हसन ने एडीएम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इकरा हसन ने प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त को शिकायत पत्र देकर कार्यवाई की मांग की थी। सांसद इकरा हसन ने एडीएम प्रशासन पर अभद्रता करने और ऑफिस से बाहर निकालने के साथ धमकी देने का भी आरोप लगाया था। मामला इतना बढ़ गया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव यादव तक पहुँच गया। जिसके चलते सपा नेताओं में आक्रोश बना हुआ है।
दरअसल मामला एक जुलाई का है। कैराना से सपा सांसद इकरा हसन छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ क्षेत्र की समस्याओं को लेकर एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर से मिलने गई थी।
एडीएम प्रशासन ने न सिर्फ उनके साथ अभद्र व्यवहार किया बल्कि दोनों को कार्यालय से बाहर जाने को बोल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय उनका है, वह जो चाहें करने के लिए स्वतंत्र हैं। कैराना सांसद की शिकायत के बाद मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को जाँच के आदेश दिए हैं। कैराना सांसद ने इस मामले की शिकायत प्रमुख सचिव नियुक्ति उत्तर प्रदेश और मंडलायुक्त को कर दी। शिकायत में बताया गया है कि एक जुलाई को उन्हें छुटमलपुर की विभिन्न समस्याओं को लेकर एडीएम संतोष बहादुर सिंह से मिलना था। एक बजे जब उनसे संपर्क किया गया, तो उन्होंने जवाब दिया कि एडीएम लंच पर गए हैं और वे पत्राचार के ज़रिए अपनी समस्या बताएँ। लंच के बाद कैराना सांसद और छुटमलपुर नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन करीब तीन बजे एडीएम कार्यालय पहुँचीं।
आरोप है कि बैठक के दौरान एडीएम का व्यवहार अपमानजनक था। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष को डाँटा। इस पर कैराना सांसद ने समस्या सुनने का अनुरोध किया। आरोप है कि एडीएम ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने उनको कार्यालय से बाहर जाने को भी कहा। कैराना सांसद ने इस मामले में जाँच और कार्रवाई की माँग की है।
सपा सांसद इक़रा हसन और चेयरमैन शमा परवीन के साथ हुई अभद्रता को लेकर सपा नेताओं ने गुरूवार को मंडलायुक्त कार्यलय का घेराव किया। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर एडीएम के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है।
जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने बताया कि एक अधिकारी के द्वारा उनके सांसद का अपमान किया गया है। जो बहुत ही शर्मनाक है। ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्यवाई की जानी चाहिए जिसको देश के सबसे बड़े सदन के सदस्य को सम्मान नहीं देना आता। सांसद एक जनप्रतिनिधि होता है जिसे लाखों लोग अपना मत देकर चुनते हैं। सांसद-विधायक के सम्मान के लिए एक प्रोटोकॉल होता है जिसका पालन हर अधिकारी को करना होता है। लेकिन एडीएम साहब ने न तो प्रोटोकॉल का पालन किया और ना ही महिला सांसद किया।
उन्होंने शासन और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाई नहीं की गई तो समाजवादी पार्टी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। जनप्रतिनिधि का अपमान किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जायेगा। इसके लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जाना पड़ा तो जायेंगे। जनप्रतिनिधि किसी भी पार्टी को हो एक अधिकारी को चाहिए कि उसका सम्मान करे और उसकी बात सुने।
मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने बताया कि कैराना सांसद इकरा हसन ने अभद्र व्यवहार की शिकायत की है। ज़िलाधिकारी को इस इस मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। मामला जनप्रतिनिधि से जुड़ा होने के चलते मामले की जांच की जा रही है। सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ विनम्रता से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं। Saharanpur News