शामली : शामली जिले में एक कथित ऑडियो क्लिप के वायरल होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ऑडियो में भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान को झूठे हत्या मामले में फंसाने की साजिश रचने का दावा किया गया है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कौन हैं मनीष चौहान?
मनीष चौहान, जसाला गांव निवासी और भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के पुत्र बताए जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘रोहित प्रधान’ नाम की आईडी से एक ऑडियो क्लिप साझा की गई, जिसमें दो लोगों के बीच कथित बातचीत सुनाई दे रही है। ऑडियो में एक व्यक्ति की पहचान कैराना थाना क्षेत्र के बराला गांव निवासी नदीम के रूप में बताई जा रही है।
क्या है ऑडियो में?
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर रोहित प्रधान नामक व्यक्ति की हत्या कर मनीष चौहान को उसमें फंसाने की योजना पर चर्चा की जा रही है। बातचीत में यह भी कहा जा रहा है कि हत्या के बाद मनीष चौहान को संदेश भेजा जाएगा – “मनीष भाई, तुम्हारा काम हो गया, अब हमें पुलिस के हवाले कर दो।”
ऑडियो में करोड़ों रुपये इकट्ठा करने, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने और राजनीतिक लाभ लेने जैसे आरोपों का भी जिक्र है। हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नाहिद हसन का जिक्र
कथित बातचीत में कैराना विधायक नाहिद हसन का नाम भी सामने आया है। ऑडियो में दावा किया गया है कि मनीष चौहान राजनीतिक रूप से उनके लिए चुनौती हैं। साथ ही मुजफ्फरनगर दंगों का उल्लेख कर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की आशंका भी जताई गई है।
पहले भी विवादों में रहे मनीष
गौरतलब है कि हाल ही में मनीष चौहान का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे बिजली विभाग के एक जेई को कथित रूप से धमकाते नजर आए थे। उस वीडियो को लेकर भी काफी राजनीतिक विवाद हुआ था।
पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए मनीष चौहान ने पुलिस में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर कांधला थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। ऑडियो में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित साजिश के पीछे कौन लोग हैं और ऑडियो क्लिप असली है या फर्जी। मामले ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है।

