एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि 15 जुलाई, 2025 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिग्नेचर ग्रीन सिटी में रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी अनिल कुमार सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया जिसमें पूछा गया था कि क्या वह एयरपोर्ट पहुँच गए हैं। जब उन्होंने पूछताछ की, तो महिला ने अपना नाम इरा रेड्डी बताया और बातचीत शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि एक चालाक महिला ने उन्हें हनीट्रैप में फंसाया और फिर क्रिप्टो करेंसी में ₹2.52 करोड़ का निवेश करवाकर उनसे ठगी की।
एडीसीपी क्राइम ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में जोधपुर के बासनी विनायक नगर निवासी रामनिवास को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी रामनिवास ने एक बड़ा नेटवर्क बना रखा था। उसने 15 से 20 महिलाओं के खाते खुलवाकर ठगी की रकम हासिल की थी। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी सूचना के आधार पर जोधपुर के सोनामुखी निवासी राम दिनेश बिश्नोई और फिर जोधपुर के ही जयदेव नगर निवासी महेंद्र को गिरफ्तार किया। तीनों से पूछताछ में पता चला कि 15 से 16 सदस्यों का उनका गिरोह देश भर में इस तरह की ठगी में शामिल है।
पूछताछ में पता चला कि लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके खाते खुलवाए जाते थे। ये अपराधी उन्हीं बैंकों में खाते खुलवाते हैं, जहाँ उन्हें चेकबुक, पासबुक और एटीएम तुरंत मिल जाते हैं। फिर वे इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ट्रांसफर होने के बाद, रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर कंबोडिया भेज दिया जाता है। यह धन फिर गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से कंबोडिया से आता है और धन को सफेद धन में बदल देता है।
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि जोधपुर साइबर धोखाधड़ी का एक बड़ा केंद्र बन गया है। गिरोह का सरगना महेंद्र यूएसटीडी ऐप के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करता है और उससे प्राप्त धन को कंबोडिया भेजता है। आरोपियों के पास से यूएसटीडी में ₹1.40 करोड़ के लेनदेन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लैपटॉप, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस जाँच में पता चला है कि कंबोडिया में एक बड़ा साइबर धोखाधड़ी कॉल सेंटर है, जहाँ पढ़े-लिखे लोगों से हिंदी में कॉल करवाए जाते हैं। उन्हें नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस आदि देशों में ले जाया जाता है और वहाँ बंधक बनाकर रखा जाता है। एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा का कहना है कि अब केंद्रीय स्तर पर ऐसे लोगों का पता लगाया जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि कौन वीज़ा पर गया था और कौन अभी तक समय पर वापस नहीं लौटा है।
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि मुजफ्फरनगर की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। उसका कहना है कि नौ हज़ार रुपये में ऑनलाइन मंदिर बुक करने के बाद, विभिन्न माध्यमों से उससे कुल 12 लाख रुपये की ठगी की गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस मामले में बुलंदशहर निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया आईफोन भी बरामद कर लिया गया है। पूरे मामले की जाँच की जा रही है। KanpurNews

