सहारनपुर : सहारनपुर विकास प्राधिकरण की भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने जेई रवींद्र श्रीवास्तव और मेट वैभव को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने मौके से 50,000 रुपये भी बरामद कर लिए। भ्रष्टाचार निरोधक टीम सहायक अभियंता (जेई) और मेट को गिरफ्तार कर सदर बाजार थाने ले आई। उन पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई के बाद सहारनपुर विकास प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास प्राधिकरण के नियमों में संशोधन किया था, जिसके तहत आवासीय निर्माण के लिए 100 वर्ग गज की जगह को मानचित्र स्वीकृति की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। इसके बावजूद, प्राधिकरण विभाग मानचित्र स्वीकृति के नाम पर शहरवासियों से धोखाधड़ी कर रहा है। इसका मतलब है कि वे मानचित्र स्वीकृति के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। ताज़ा मामला स्मार्ट सिटी सहारनपुर का है, जहाँ प्राधिकरण के सहायक अभियंता और मेट स्थानीय निवासियों से 100 वर्ग गज पर आवासीय निर्माण के लिए अवैध वसूली कर रहे हैं। यह हम नहीं, बल्कि स्थानीय निवासी बता रहे हैं। शहरवासियों के अनुसार, शहर में एक ईंट भी रखना मुश्किल हो गया है। लेकिन, यही प्राधिकरण अधिकारी आवासीय नक्शे स्वीकृत करके अवैध और बड़े व्यावसायिक निर्माण की अनुमति दे रहे हैं। लेकिन, 30-40 और 100 गज के मकानों के मानचित्र स्वीकृति न देने की धमकी देकर अवैध वसूली कर रहे हैं।
वर्धमान कॉलोनी निवासी युवक मयंक पांडे ने बताया कि वह 100 वर्ग गज पर दो कमरों का मकान बना रहा था, जो मानचित्र स्वीकृति की श्रेणी से बाहर है। इसके बावजूद, सहायक अभियंता रवींद्र श्रीवास्तव और मेट वैभव उस पर मानचित्र स्वीकृत कराने का दबाव बना रहे थे। साथ ही, मानचित्र स्वीकृत न कराने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत भी मांग रहे थे। पीड़ित मयंक के अनुसार, जब उसने सरकारी आदेश दिखाए, तो उन्होंने उसके निर्माण को जब्त करने की धमकी दी। जेई ने अपने साथी के माध्यम से एक लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने शनिवार को 50,000 रुपये देने का वादा किया, जबकि शेष 50,000 रुपये बाद में देने का वादा किया। जेई रविंद्र श्रीवास्तव और मेट वैभव ने उस पर जल्द पैसे देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। तंग आकर मयंक पांडे ने भ्रष्टाचार निरोधक बल का सहारा लिया।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने रिश्वतखोर जेई और मेट को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। जैसे ही पीड़ित शनिवार सुबह करीब 11 बजे सहारनपुर विकास प्राधिकरण पहुंचा और जेई और मेट को 50,000 रुपये दिए, भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने परिसर में छापा मारा और उन्हें रिश्वत के पैसे के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार जेई रविंद्र श्रीवास्तव और मेट वैभव सिंह को सदर बाजार थाने के हवाले कर दिया गया। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई से प्राधिकरण कार्यालय में हड़कंप मच गया। वहां मौजूद अन्य इंजीनियर और साथी तितर-बितर हो गए।

