लखनऊ : देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश का बड़ा दबदबा है। कहा जा सकता है कि देश की राजनीति यूपी से शुरू होती है और यहीं से विकास की गति तेज़ होती है। इस समय यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ राजनीति में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। ताज़ा हालात में योगी ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दरअसल, पंत के नाम अब तक सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। वे 8 साल 127 दिन तक सीएम रहे। इसमें आज़ादी से पहले का कार्यकाल भी शामिल है।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत पहली बार 17 जुलाई 1937 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 2 साल 108 दिन तक इस पद पर अपनी कुर्सी संभाली। इसके बाद 2 नवंबर 1939 को ब्रिटिश सरकार ने गवर्नर रूल लागू कर दिया, जिसके कारण पंत को सीएम पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद वे 1 अप्रैल 1946 से 28 दिसंबर 1954 तक लगातार दो बार मुख्यमंत्री बने। योगी आदित्यनाथ अब तक 8 साल 4 महीने और 10 दिन यानी 8 साल 130 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बहुमत हासिल किया, जिसके बाद वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। वे एक पूर्ण कार्यकाल के बाद दोबारा लगातार इस पद पर आसीन होने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं।
जब हम उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के सबसे लंबे कार्यकाल की बात कर रहे हैं, तो सवाल उठता है कि सबसे छोटा कार्यकाल किसका था? जगदंबिका पाल महज 31 घंटे के लिए यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। इन 31 घंटों में यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। ये बात 21 फरवरी 1998 की है, जब कल्याण सिंह यूपी में मुख्यमंत्री थे। उस दिन रात 10 बजे राज्यपाल रोमेश भंडारी ने अचानक जगदंबिका पाल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी। इसकी जानकारी होते ही भाजपा नेता नरेंद्र सिंह गौर ने राज्यपाल भंडारी के फैसले के खिलाफ कल्याण सिंह की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने जगदंबिका पाल के मुख्यमंत्री बनने को अवैध करार दिया और कल्याण सिंह सरकार को तत्काल बहाल करने का आदेश दिया। यह फैसला राज्यपाल भंडारी और जगदंबिका पाल खेमे के लिए एक बड़ा झटका था। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। लेकिन, उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली और जगदंबिका पाल को 31 घंटे के भीतर ही मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा। वैसे, सरकारी रिकॉर्ड में जगदंबिका पाल का नाम मुख्यमंत्री सूची में शामिल नहीं है। क्योंकि, कल्याण सिंह का कार्यकाल टूटा हुआ नहीं माना गया था।
उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ भाजपा के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं। राजनीति में आने से पहले योगी गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ के महंत यानी मुख्य पुजारी रह चुके हैं। उन्होंने 1998 में महज 26 साल की उम्र में गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया, जिससे वे देश के सबसे युवा सांसदों में से एक बन गए। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लगातार 5 बार सांसद बने।
स्रोत: यह स्टोरी चुनाव आयोग की वेबसाइट से लिए गए तथ्यों पर आधारित है।