सहारनपुर : सहारनपुर पुलिस ने एक ऐसे हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है जो एक युवती के ज़रिए न सिर्फ़ लोगों को प्रेम जाल में फँसाता था, बल्कि मौका मिलने पर उनका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी करता था। पुलिस ने युवती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने पहले एक युवती की मदद से युवक को प्रेम जाल में फँसाया। फिर उसे सुनसान जगह पर बुलाकर उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद युवक को ब्लैकमेल करके 10 लाख रुपये मांगे। लेकिन जब युवक बड़ी रकम देने में असमर्थ रहा, तो उन्होंने उसकी एक बीघा ज़मीन का एग्रीमेंट कर लिया।
बता दें कि पूरा मामला फतेहपुर थाना क्षेत्र के गाँव दतौली मुगल का है। जहां गांव निवासी आरिफ खान ने 13 जुलाई को हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगाई थी। एएसपी मनोज यादव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फतेहपुर थाने के दतौली मुगल गांव निवासी आरिफ खान ने हनीट्रैप में फंसाकर जमीन का एग्रीमेंट कराने का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि शहजाद, कादिर, हसीन, सावेद और अरशद ने पहले एक लड़की के जरिए उसे हनीट्रैप में फंसाकर वीडियो बनाया और उसके बाद आरोपी उसे ब्लैकमेल करते रहे।
आरोपियों ने पहले पीड़ित आरिफ से 10 लाख रुपये नकद मांगे लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके बाद आरोपियों ने उस पर एक बीघा जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया। लोक लाज और बदनामी के डर से पीड़ित ने आरोपियों के नाम जमीन का एग्रीमेंट करा दिया। एएसपी के मुताबिक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि शहजाद और कादिर ने सबसे पहले स्वाति नाम की लड़की को पीड़ित आरिफ खान के पास भेजा। स्वाति ने उसे अपने प्रेम जाल में इस तरह फंसाया कि दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे। 25 दिसंबर 2024 को आरिफ ने स्वाति को अपने खेत में बनी झोपड़ी में बुलाया। जहाँ स्वाति के निर्देश पर कादिर पहले ही पहुँच गया। स्वाति और आरिफ की मुलाक़ात हुई तो कादिर ने चुपके से वीडियो और फ़ोटो बना लिए। इसके बाद गिरोह ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने आरिफ से 10 लाख रुपए की मांग की।
एएसपी ने बताया कि जब आरिफ पैसे देने में असमर्थ रहा तो उसे अपनी ज़मीन बेचने के लिए मजबूर किया गया। फिर 17 जनवरी 2025 को चारों आरोपी चुपचाप आरिफ को कोर्ट ले गए और एक बीघा ज़मीन का रजिस्टर्ड इकरारनामा करा लिया। पीड़ित का आरोप है कि छुटमलपुर में पढ़ रहे उसके बच्चे को भी जान से मारने की धमकी दी गई। जिसके चलते उसे स्कूल भी नहीं भेजा गया। इकरारनामे में 10 लाख की अग्रिम राशि दिखाई गई, जिसमें 2.5 लाख नकद और 7.5 लाख के दो चेक दिखाए गए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उन्होंने साढ़े सात लाख का चेक काटा था और बाकी पैसे स्वाति को देने आए थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसी गांव के शहजाद पुत्र लखमीरा, अरशद पुत्र मुकीम, सावेद पुत्र मुकीम और स्वाति पुत्री राजकुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात कादिर से हुई थी। वह ड्राइवर है। उसने युवती को शॉर्टकट से पैसे कमाने की बात कही थी। जिसके बाद युवती मान गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवती के मोबाइल में और भी सबूत मिले हैं। जिसमें खुलासा हुआ है कि वह लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर पैसे ऐंठती थी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। Honey Trap Saharanpur