आगरा : आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र से तीन महीने पहले अपहृत 8 वर्षीय मासूम की हत्या कर दी गई। बच्चे का शव राजस्थान के धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे मिला। अपहरण के बाद बच्चे के लिए 80 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। यह रकम न मिलने पर हत्यारों ने मासूम की हत्या कर शव को जमीन में गाड़ दिया। यूपी पुलिस की सूचना पर धौलपुर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र निवासी विजय प्रताप पुत्र जगदीश ने अपने बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विजय प्रताप ने बताया था कि 30 अप्रैल 2025 को मेरा बेटा अभय प्रताप (8) लापता हो गया है। बेटा किराने की दुकान से सामान खरीदने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। उसकी तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला।
दो दिन बाद घर के पास एक कागज मिला, जिसमें लिखा था कि अगर अपने बेटे की सलामती चाहते हो तो 80 लाख रुपए का इंतजाम करो। इसके बाद दो-तीन बार फिरौती की मांग वाला पत्र आया। इसमें कहा गया था कि अगर फिरौती की रकम नहीं दी गई तो बच्चे के टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएँगे।
थाना प्रभारी निरीक्षक राम नरेश मीणा ने बताया कि आगरा पुलिस को करीब तीन महीने बाद सूचना मिली कि अपहरण के बाद मासूम बच्चे की हत्या कर दी गई है और उसका शव धौलपुर जिले में दफना दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस धौलपुर पहुँची और शव बरामद किया।
एसीपी फतेहाबाद अमरदीप लाल ने बताया कि मासूम बच्चे के पिता की शिकायत और जाँच के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मासूम बच्चे की हत्या का खुलासा हुआ और उसका शव मनियाँ से आगे हाईवे किनारे एक गड्ढे में बोरे में बंद मिला।
थाना प्रभारी मनियाँ राम नरेश मीणा ने बताया कि विजय प्रताप किसान हैं। उनके पास करीब 20 बीघा जमीन है। आरोप है कि परिवार के घर के पास ही किराना की दुकान चलाने वाले एक युवक ने बच्चे का अपहरण कर फिरौती मांगी। आरोप है कि फिरौती न मिलने पर बच्चे की हत्या कर दी गई और शव को ठिकाने लगा दिया गया।