
बता दें कि सावन के पवित्र महीने में देवभूमि हरिद्वार में शिवभक्तों का जमावड़ा लगता है। कांवड़ में गंगाजल भरने के बाद कांवड़िये देवों के देव महादेव भोले नाथ का जलाभिषेक करने के लिए शिवालय की ओर प्रस्थान करते हैं। हरिद्वार से जाने वाली हर सड़क, हर गली में शिवभक्त नजर आ रहे हैं। चारों तरफ बम-बम भोले के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी सड़कें भगवा रंग में रंगी नजर आ रही हैं। सहारनपुर जिले की बात करें तो देवभूमि से सटा जिला होने के कारण यहां से कांवड़ियों के बड़े जत्थे निकलते हैं। कांवड़ियों की सुविधा के लिए देहरादून और अंबाला रोड पर बैरिकेडिंग की गई है। शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है, ट्रांसफार्मरों की बाड़ लगाई गई है और बिजली के खंभों पर प्लास्टिक शीट लगाई गई हैं।
कांवड़ियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रशासन ने एक वेब पेज और क्यूआर कोड तैयार किया है। इसके माध्यम से शौचालय, चिकित्सा शिविर, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, पुलिस चौकी, रूट डायवर्जन और हेल्पलाइन नंबर जैसी जानकारी गूगल मैप पर उपलब्ध रहेगी। कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए क्यूआर कोड और वेब लिंक की व्यवस्था की गई है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन ने क्यूआर कोड और वेब लिंक के माध्यम से डिजिटल सेवा शुरू की है। साथ ही, शिवभक्तों को क्यूआर के माध्यम से अपने मोबाइल पर नजदीकी शौचालय, चिकित्सा शिविर, रेस्टोरेंट, ढाबे, पुलिस स्टेशन, पेट्रोल पंप, हेल्पलाइन नंबर और डायवर्जन रूट व कांवड़ शिविरों की जानकारी मिलेगी। ये कोड मुख्य चौराहों और हाईवे पॉइंट्स पर लगाए गए हैं।

यात्रा मार्ग पर 42 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें स्नान के लिए जलकल विभाग द्वारा नल और शावर लगाए जाएंगे। बिजली विभाग ने सभी खंभों को ढक दिया है और एचटी-एलटी लाइनों की मरम्मत कर दी गई है। व्यापारियों को सेवा शिविर लगाने और सड़क किनारे से हटकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भारी और मध्यम वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। हल्के वाहनों को कांवड़ मार्ग से हटाया जाएगा, उन्हें केवल आवश्यक होने पर ही मार्ग पार करने की अनुमति होगी।
सभी भारी और मध्यम वाहन बाईपास से चुनहेटी कट, हसनपुर चौक, दीवानी तिराहा, विश्वकर्मा चौक, अंबेडकर चौक, लिंक रोड होते हुए जाएंगे। जबकि ट्रांसपोर्ट नगर के लिए वाहन अंबेडकर चौक, भारत माता चौक, महीपुरा चौक होते हुए जाएंगे। दूसरा चरण 17 से 24 जुलाई तक चलेगा। जिसमें भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य सामग्री ले जाने वाले वाहन सरसावा बाईपास से पर्पल गेट, चिलकाना होते हुए जा सकेंगे। जबकि हल्के वाहनों को आवश्यकतानुसार आने-जाने की अनुमति रहेगी।
अन्य रूट डायवर्जन योजना
दिल्ली-गाजियाबाद जाने वाले वाहन अंबाला रोड बाईपास, सरसावा, शाहजहाँपुर, यमुनानगर, करनाल, पानीपत होते हुए जाएँगे।
मुजफ्फरनगर जाने वाले वाहन सहारनपुर बाईपास, कोलकी कट, नागल, रोहाना कलां होते हुए जाएँगे।
हरिद्वार मार्ग पर, वाहन 11 से 17 जुलाई तक गागलहेड़ी से छुटमलपुर होते हुए भगवानपुर होते हुए रुड़की पहुँचेंगे।
18 से 24 जुलाई तक, वाहन गागलहेड़ी से छुटमलपुर होते हुए मोहंड चौकी से आशारोड़ी और हरिद्वार जाएँगे।
बिजली विभाग की तैयारियाँ
हाई-स्पीड-हाई-स्पीड लाइनों की मरम्मत की गई।
बिजली के खंभों को काली प्लास्टिक शीट से ढका गया।
ट्रांसफार्मर की बाड़ लगाई गई, पेड़ों की टहनियाँ काटी गईं।
सफाई के लिए विशेष अभियान
कांवड़ मार्ग पर दो पालियों में 600 सफाई कर्मचारी तैनात।
44 पंचायतों में स्वच्छता अभियान, झाड़ियों की कटाई की जा रही है।
पंचायत सचिवों को ज़िम्मेदारी देनी होगी और सफाई से पहले और बाद की जियो-टैग की गई तस्वीरें लेनी होंगी।