
जिस पर कोर्ट ने अपने आदेश में अपनी टिप्पणी में यह भी कहा था कि उसने यौन उत्तेजना के बचकाने चित्रण तैयार करके डाउनलोड किए थे। सीबीआई को इंटरपोल के जरिए यह इनपुट मिला था। जिसके आधार पर दिल्ली सीबीआई स्पेशल क्राइम-III ने केस दर्ज कर ईमेल आईडी और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों के आधार पर पहले मंडलावली उच्चेपार लक्ष्मीनगर दिल्ली और फिलहाल कन्होई गभाना में किराए पर रहने वाले नवीन कुमार को गिरफ्तार किया था। बाद में सर्च वारंट के आधार पर उसके घर से तमाम साक्ष्य जुटाए गए। जिसमें मोबाइल और डाटा कार्ड आदि बरामद किए गए। इनमें इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल की मदद से एक लड़की की पहचान हुई। जिसके साथ आरोपी ने यह हरकत की थी। नवीन से बरामद फोन और डेटा कार्ड में 21 वीडियो और 61 फोटो मिले थे
इसके साथ ही सीबीआई ने आरोपी के घर से बरामद मोबाइल और डेटा कार्ड को जांच के लिए जीटीबी अस्पताल की फोरेंसिक लैब में भेजा था। वहां के डायरेक्टर डॉ. श्रीनिवास एम ने अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसमें बताया गया था कि नवीन से बरामद मोबाइल और डेटा कार्ड में 21 वीडियो और 61 फोटो मिले थे। ये सभी बच्चों के हैं। इनमें से ज्यादातर स्कूल में पढ़ते हैं। इस रिपोर्ट को सीबीआई ने कोर्ट में सबूत के तौर पर भी पेश किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर माना गया कि बच्चों के ये सभी चित्रण यौन वासना भड़काने के लिए बनाए और डाउनलोड किए गए थे।
आपको बता दें कि इस मामले में कोर्ट ने सोमवार को आरोपी नवीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस संबंध में डीजीसी ललित पुंडीर बताते हैं कि कोर्ट ने इस सबूत को आईटी सेक्शन का मजबूत सबूत माना। जिसके आधार पर आरोपी को बाल अपराध में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई।सीबीआई ने इस मामले में काफी प्रयास किए। लेकिन सिर्फ़ एक लड़की की पहचान हो सकी। बाकी बच्चे कहां के थे? उनकी पहचान करने की बहुत कोशिश की गई। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। Aligarh News