आपको बता दें कि थाना नानौता क्षेत्र के गांव भोजपुर निवासी किसान अमित कुमार को जैविक कारोबार में निवेश का झांसा दिया गया था। पीड़ित किसान के मुताबिक उसने पंजाब नेशनल बैंक ठसका के मैनेजर अरविंद कुमार की सलाह पर जय एग्रो बायो साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड में 25 लाख रुपये का निवेश किया था। बैंक मैनेजर ने उसे कंपनी के सीएमडी सुशील कुमार और एमडी संजीव कुमार से मिलवाया और भरोसा दिलाया कि यह निवेश मुनाफे वाला होगा और उसे लोन की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
किसान ने पीएमईजीपी योजना के तहत बैंक से 25 लाख रुपये का लोन लिया और यह रकम आरटीजीएस के जरिए कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी। कंपनी ने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट भी किया। जिसमें उसे हर महीने 2.50 लाख रुपये देने का वादा किया गया। शुरुआत में 2.50 लाख और 30 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए गए, लेकिन उसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने भुगतान करना बंद कर दिया।
पीड़ित किसान के मुताबिक़ जब उसने बकाया पैसे की मांग की तो आरोपियों ने न सिर्फ उसका फोन उठाना बंद कर दिया बल्कि अपना मोबाइल स्विच ऑफ़ कर लिया। इतना ही नहीं उनके कार्यलय पर पहुंचे तो वहां भी ताला लगा हुआ मिला। इस दौरान बैंक ने किसान को लोन की किस्तें भरने का नोटिस भी जारी कर दिया। पैसा न मिलने से किसान आर्थिक संकट में फंस गया है।
पीड़ित अमित कुमार ने थाना नानौता में तहरीर देकर कंपनी के सीएमडी सुशील कुमार, एमडी संजीव कुमार और बैंक मैनेजर अरविंद कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है और उसकी मेहनत की कमाई हड़पी गई है। एसपी देहात सागर जैन का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Saharanpur News