अल्मोड़ा जिला पंचायत के लिए चुने गए 45 सदस्यों में से निशा सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य हैं। ताड़ीखेत ब्लॉक निवासी गोपाल सिंह कनवाल और इंद्र कनवाल की बेटी निशा ने अपने पिता से प्रेरणा लेकर राजनीति में कदम रखा है। निशा के पिता कंडारखुवा क्षेत्र से कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रह चुके हैं। वह समाजसेवा में लगे रहते हैं, वहीं निशा की माँ गृहिणी हैं और क्षेत्र में एक दुकान भी चलाती हैं। निशा ने अपनी शिक्षा अल्मोड़ा से प्राप्त की है। विवेकानंद बालिका विद्या मंदिर अल्मोड़ा से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, वह वर्तमान में एसएसजे परिसर में एम.कॉम की छात्रा हैं।
नवनिर्वाचित सबसे युवा जिला पंचायत सदस्य निशा कनवाल ने बताया कि वह 21 वर्ष की हैं और 280 मतों से जीतकर जिला पंचायत सदस्य बनी हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी आगे की शिक्षा जारी रखते हुए क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और इस दौरान उन्हें क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि गाँव अभी भी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। गाँवों की मूलभूत आवश्यकताएँ जैसे सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य, पानी और सड़क उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फल पट्टी तो है, लेकिन उसके लिए विपणन व्यवस्था नहीं है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी और नुकसान उठाना पड़ता है। क्षेत्र में 27 ग्राम सभाएँ हैं, जिनमें 60 गाँव हैं। अधिकांश गाँव पलायन की मार झेल रहे हैं। कई घरों में केवल बुजुर्ग ही रह रहे हैं। क्षेत्र में रोज़गार के अवसरों की कमी के कारण पलायन बढ़ रहा है। पलायन रोकने के प्रयास किए जाएँगे। पानी की समस्या के समाधान के लिए जल स्रोतों को रिचार्ज करने और सुकोली गाँव में सोलर पंपिंग योजना स्थापित करने के प्रयास किए जाएँगे। हर गाँव में सड़कों को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएँगे।
गौरतलब है कि इस बार पंचायत चुनाव में कई युवाओं को बागडोर मिली है। इनमें से कई तो बेहद युवा हैं। पौड़ी ज़िले के पाबौ ब्लॉक के कुई गाँव की 22 वर्षीय साक्षी प्रधान बनी हैं। वहीं, चमोली ज़िले के गैरसैंण विकासखंड के आदर्श ग्राम सारकोट की 21 वर्षीय प्रियंका नेगी ने प्रधान पद पर जीत हासिल की है। Almora News