आगरा : इंस्टाग्राम पर एक अनजान शख्स से दोस्ती करना एक महिला को महंगा पड़ गया। साइबर अपराधी ने खुद को यूके में रहने वाला डॉक्टर बताकर उसका भरोसा जीत लिया। फिर उसे पार्सल में लाखों रुपये के उपहार भेजने का वादा किया। साइबर अपराधी ने पार्सल को कस्टम विभाग से जब्त करवाने, घर पर छापा मारने और उसके पति व ससुराल वालों को गिरफ्तार करवाने की धमकी दी।

डरकर महिला ने अपने गहने बेच दिए और दोस्तों से पैसे उधार लेकर साइबर अपराधी द्वारा बताए गए खातों में 30 लाख रुपये से ज़्यादा ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद साइबर अपराधी लगातार मांग करता रहा। परेशान होकर महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जाँच की जा रही है।
छत्ता थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने साइबर अपराधी को बताया, “मुझे इंस्टाग्राम पर अजनबियों से बातचीत करना पसंद है।” 17 अक्टूबर, 2025 को मेरे इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक व्यक्ति का अनुरोध आया, जिसे मैंने स्वीकार कर लिया। भेजने वाले ने अपना नाम डॉ. खान बताया और कहा कि वह यूके में डॉक्टर हैं। हमारी बातचीत शुरू हुई। दोस्ती होने के बाद, हमने अपने मोबाइल नंबर एक-दूसरे को बताए।
महिला ने बताया, “कुछ दिनों बाद, मुझे एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को डॉ. खान बताया और कहा, ‘मैंने दोस्ती के तौर पर एक उपहार पार्सल भेजा है।’ आश्वस्त होने के बाद, मैं उपहार स्वीकार करने के लिए तैयार हो गई। डॉ. खान ने फिर मुझे अपने मैनेजर से मिलाया और वीडियो कॉल पर मुझे पार्सल दिखाया। उसमें लगभग 25 तोला सोना, एक आईफोन, दो सूट, एक पर्स और 2,500 पाउंड थे।”
“महंगा उपहार देखकर, मैंने हामी भर दी। मैं पार्सल आने का इंतज़ार कर रही थी कि तभी मुझे एक फ़ोन आया। फ़ोन करने वाले ने खुद को कस्टम विभाग से बताया और बताया कि पार्सल में अवैध सामान है और उसे ज़ब्त कर लिया गया है।” अगर आप पार्सल वापस नहीं करेंगी, तो आयकर विभाग, कस्टम विभाग, पुलिस और सीबीआई आपके घर पर छापा मारकर आपके पति को एनकाउंटर की धमकी देकर ले जाएँगे।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साइबर धोखाधड़ी की धमकियों और बदनामी से वह बहुत डर गई थी। उसने अपने 25 तोले से ज़्यादा वज़न के गहने बेचकर दिए गए बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। फिर जालसाज़ ने और पैसे मांगे। उसने दोस्तों और परिचितों से पैसे उधार लिए और ट्रांसफर कर दिए। उसने लगभग 30 लाख रुपये चुका दिए। इसके बाद भी, तरह-तरह के बहाने और धमकियाँ देकर उससे पैसे मांगे जाते रहे।
एडीसीपी आदित्य कुमार ने कहा, “किसी के लालच में न आएँ। अगर आपको फ़ोन पर या किसी और तरह से धमकी दी जाए, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन या संबंधित थाने को सूचित करें। मामले की जाँच की जा रही है।”

